NMC का 5 करोड़ का मिशन: शहर की नदियों को साफ करने की बड़ी तैयारी
नागपुर में मानसून आने से पहले शहर की नदियों को साफ करने का काम तेजी से चल रहा है। इसी बीच नागपुर महानगरपालिका (NMC) ने करीब 5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। इसका मकसद है शहर की प्रमुख नदियों की सफाई करना और उनमें जमा मिट्टी व कचरा हटाना। और पानी का बहाव बेहतर बनाना।
यह “River Cleanliness Campaign 2026” सिर्फ सफाई अभियान नहीं है, बल्कि शहर को जलभराव और प्रदूषण से बचाने की एक बड़ी तैयारी भी मानी जा रही है।
अभियान में क्या हो रहा है खास?
NMC के अनुसार शहर की नाग, पिली और पोरा नदियों की सफाई का काम मशीनों की मदद से किया जा रहा है। कुल 49.16 किलोमीटर नदी क्षेत्र को साफ करने का लक्ष्य रखा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि 15 अप्रैल तक लगभग 26.28 किलोमीटर हिस्से की सफाई पूरी हो चुकी थी। यानी आधे से ज्यादा काम पूरा हो गया है। वहीं बाकी हिस्सों पर भी तेजी से काम चल रहा है।
अब प्रशासन की कोशिश है कि अप्रैल के अंत तक करीब 80% काम खत्म हो जाए और 15 मई तक पूरा अभियान पूरा कर लिया जाए।
21 मशीनों से तेज हुआ काम
पहले नदी सफाई का काम काफी धीमा माना जाता था। लेकिन इस बार NMC ने 21 मशीनें मैदान में उतारी हैं। इनमें 20 पोकलेन एक्सकेवेटर और एक लॉग बूम मशीन शामिल है।
इन भारी मशीनों की मदद से नदी के अंदर जमा मिट्टी और कचरा तेजी से हटाया जा रहा है। इससे पानी का रास्ता साफ होगा और बारिश के समय पानी जमा होने की समस्या कम हो सकती है।
इसके अलावा नदी में बहाव बेहतर होने से गंदगी और प्रदूषण भी घटने की उम्मीद है।
क्यों जरूरी है यह अभियान?
हर साल बारिश के मौसम में शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती है। इसकी एक बड़ी वजह नदियों और नालों में जमा गाद होती है।
अगर समय रहते सफाई नहीं की जाए, तो पानी का बहाव रुक जाता है। इससे सड़कों पर पानी भरता है और आसपास के इलाकों में परेशानी बढ़ जाती है।
इसी कारण NMC इस बार मानसून से पहले ही बड़े स्तर पर नदी सफाई अभियान चला रही है।
आगे क्या हो सकता है?
NMC ने अपने प्रस्ताव में यह भी कहा है कि अगर तय समय तक काम पूरा नहीं हुआ, तो अतिरिक्त मशीनें CSR सहयोग से लाई जा सकती हैं। जरूरत पड़ने पर दूसरी चरण की योजना भी शुरू की जा सकती है।
करीब 4.98 करोड़ रुपये की इस योजना से साफ है कि शहर प्रशासन इस बार मानसून को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। अगर अभियान समय पर पूरा हो जाता है, तो इसका फायदा पूरे नागपुर शहर को मिल सकता है।








