Nagpur Petrol Price Hike: पेट्रोल ₹107 के पार, अब हर महीने बढ़ेगा घर का खर्च?
नागपुर में बढ़ी पेट्रोल-डीजल की कीमतें
नागपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को पेट्रोल की कीमत बढ़कर ₹107.13 प्रति लीटर पहुंच गई, जबकि डीजल ₹93.67 प्रति लीटर हो गया। वहीं पावर पेट्रोल अब ₹116.85 प्रति लीटर बिक रहा है। सिर्फ ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी सुनने में छोटी लग सकती है, लेकिन इसका असर सीधे लोगों की जेब पर पड़ने वाला है।
अब सवाल सिर्फ गाड़ी चलाने का नहीं है। असली चिंता यह है कि पेट्रोल और डीजल महंगे होने से रोजमर्रा की कई चीजें भी महंगी हो सकती हैं।
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हर सफर अब पड़ेगा भारी
नागपुर में हजारों लोग रोज अपनी बाइक, कार या ऑटो से सफर करते हैं। ऐसे में पेट्रोल की नई कीमत ने परिवारों का मासिक बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। जो लोग रोज ऑफिस जाते हैं या बच्चों को स्कूल छोड़ते हैं, उनके खर्च में अचानक बढ़ोतरी हो गई है।
इसके साथ ही ऑटो और टैक्सी चालकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। नागपुर जिला ऑटो चालक-मालिक महासंघ ने किराया बढ़ाने की मांग कर दी है। संगठन के महासचिव चरणदास वानखेड़े का कहना है कि ऑटो LPG अब ₹120 प्रति किलो तक पहुंच गई है। ऐसे में ₹18 प्रति किलोमीटर का मौजूदा किराया अब घाटे का सौदा बन चुका है। उन्होंने किराया ₹22 प्रति किलोमीटर करने की मांग रखी है।
अगर ऐसा होता है, तो शहर में रोज यात्रा करने वालों का खर्च और बढ़ जाएगा।
स्कूल वैन फीस भी बढ़ सकती है
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का असर अब बच्चों की पढ़ाई तक पहुंचता दिख रहा है। अगले महीने स्कूल खुलने वाले हैं और स्कूल वैन ऑपरेटर पहले ही फीस बढ़ाने के संकेत दे चुके हैं।
स्कूल वैन ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अफसर खान ने कहा कि ईंधन महंगा होने के बाद पुराने रेट पर काम करना मुश्किल हो गया है। उन्हें डर है कि अगर आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ीं, तो हालात और खराब हो सकते हैं।
यानी अब माता-पिता को बच्चों की ट्रांसपोर्ट फीस के लिए भी ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ सकता है।
ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर सबसे बड़ा दबाव
नागपुर का ट्रांसपोर्ट कारोबार भी इस बढ़ोतरी से परेशान है। ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि उनके ऑपरेटिंग खर्च में करीब 25% तक बढ़ोतरी हो सकती है।
नागपुर ट्रकर्स यूनिटी के सदस्य कुक्कू मारवाह ने बताया कि पिछले दो महीनों में माल ढुलाई पहले ही लगभग 50% तक कम हो चुकी है। अब ईंधन महंगा होने से हालात और मुश्किल हो जाएंगे।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नागपुर से चेन्नई तक 30 टन माल भेजने का खर्च पहले लगभग ₹30,000 आता था, जो अब बढ़कर ₹38,000 तक पहुंच सकता है।
इसका सीधा असर बाजार में मिलने वाले सामान की कीमतों पर पड़ सकता है। क्योंकि जब ट्रांसपोर्ट महंगा होता है, तो दुकानदार भी कीमतें बढ़ाने लगते हैं।
दूध और जरूरी सामान भी होंगे महंगे?
पेट्रोल और डीजल महंगा होने के बाद अब जरूरी चीजों की कीमत बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है। अमूल और मदर डेयरी पहले ही दूध के दाम बढ़ाने का ऐलान कर चुके हैं।
अब मदर डेयरी का फुल क्रीम दूध ₹72 प्रति लीटर और भैंस का दूध ₹80 प्रति लीटर मिलेगा। खुला दूध भी जल्द महंगा हो सकता है।
दरअसल, दूध की सप्लाई में ट्रांसपोर्ट का बड़ा रोल होता है। जब डीजल महंगा होता है, तो दूध पहुंचाने का खर्च बढ़ जाता है। यही वजह है कि कंपनियां कीमतें बढ़ाने को मजबूर हो रही हैं।
महंगाई का डर क्यों बढ़ रहा है?
पेट्रोल और डीजल सिर्फ ईंधन नहीं हैं। ये देश की पूरी सप्लाई चेन की रीढ़ माने जाते हैं। जब इनकी कीमत बढ़ती है, तो ट्रांसपोर्ट महंगा होता है। फिर सामान महंगा होता है। आखिर में आम आदमी का खर्च बढ़ जाता है।
यही कारण है कि नागपुर में बढ़ी पेट्रोल कीमतों को लेकर अब महंगाई का डर बढ़ रहा है। खासकर मध्यम वर्ग और छोटे कारोबारियों पर इसका असर सबसे ज्यादा पड़ सकता है।
आम लोगों की चिंता बढ़ी
नागपुर के कई लोगों का कहना है कि पहले ही घर का बजट संभालना मुश्किल हो रहा था। अब पेट्रोल, दूध और ट्रांसपोर्ट महंगा होने से खर्च और बढ़ जाएगा।
कुछ लोग अब बाइक की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की सोच रहे हैं। वहीं छोटे व्यापारी भी आने वाले समय को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
आगे क्या हो सकता है?
अगर आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें और बढ़ती हैं, तो शहर में ऑटो किराया, स्कूल वैन फीस, दूध, सब्जियां और रोज इस्तेमाल की कई चीजें महंगी हो सकती हैं।
फिलहाल नागपुर के लोग यही उम्मीद कर रहे हैं कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द राहत मिले। क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो महंगाई का दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है।









